जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी बक्सर, प्रतिमा कुमारी ने बताया कि जिले में कला एवं संस्कृति के संरक्षण, संवर्धन तथा युवा प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से बिहार सरकार के कला एवं संस्कृति विभाग द्वारा जिले में आम्रपाली प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना की गई है। इस केंद्र के माध्यम से जिले के बच्चों एवं युवाओं को भारतीय शास्त्रीय कला की विभिन्न विधाओं में निःशुल्क प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। आम्रपाली कला प्रशिक्षण केन्द्र बक्सर शहर में बाजार समिति कृषि भवन के निकट, प्रेम आर्केड बिल्डिंग में अवस्थित है।
प्रशिक्षण केंद्र में शास्त्रीय गायन, शास्त्रीय नृत्य (कथक एवं भरतनाट्यम) तथा वाद्ययंत्र (हारमोनियम, तबला/ढ़ोलक) की शिक्षा अनुभवी प्रशिक्षकों द्वारा दी जाएगी। प्रशिक्षण का उद्देश्य जिले की उभरती हुई प्रतिभाओं को उचित मंच प्रदान करना एवं भारतीय कला एवं संस्कृति के प्रति रुचि विकसित करना है।
नामांकन ’’पहले आओ, पहले पाओ’’ के आधार पर किया जा रहा है। प्रत्येक विधा में अधिकतम 40 छात्र-छात्राओं का चयन किया जाएगा। प्रशिक्षण हेतु न्यूनतम आयु 6 वर्ष निर्धारित की गई है। नामांकन के लिए अभ्यर्थियों को जन्म तिथि प्रमाण-पत्र अथवा आधार कार्ड की प्रति तथा तीन पासपोर्ट आकार के रंगीन फोटोग्राफ जमा करना अनिवार्य होगा। प्रशिक्षण पूरी तरह निःशुल्क होगा तथा इसके लिए किसी प्रकार का मासिक शुल्क देय नहीं होगा। नामांकन के लिए समाहरणालय स्थित जिला कला एवं संस्कृति कार्यालय अथवा मो0 नं०- 7970629396 पर संपर्क किया जा सकता है।
प्रशिक्षण केंद्र सप्ताह में मंगलवार से रविवार तक संचालित होगा। विद्यार्थियों की संख्या को ध्यान में रखते हुए प्रशिक्षण दो सत्रों में आयोजित किया जाएगा। नृत्य प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिए प्रशिक्षण सामग्री एवं परिधान छात्र/छात्राओं को स्वयं लाने होंगे।
जिला प्रशासन द्वारा जिले के कला प्रेमियों, अभिभावकों एवं इच्छुक छात्र-छात्राओं से इस अवसर का लाभ उठाने की अपील की गई है। यह पहल जिले में सांस्कृतिक प्रतिभाओं को विकसित करने तथा भारतीय शास्त्रीय कला परंपरा को सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।







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