04 Aug 2026 Patna
Hello
Hello
BREAKING

ठोस अपशिष्ट प्रबंधन से स्वच्छता के साथ बढ़ेगी आय और रोजगार

बक्सर में नगर निकायों के जनप्रतिनिधियों व कर्मियों का एकदिवसीय प्रशिक्षण, आधुनिक कचरा प्रबंधन तकनीकों की दी गई जानकारी

Admin 30 Jul 2026, 09:42 AM 85 views
ठोस अपशिष्ट प्रबंधन से स्वच्छता के साथ बढ़ेगी आय और रोजगार

बक्सर, 30 जुलाई। नगर निकायों को स्वच्छ, व्यवस्थित और आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से गुरुवार को बक्सर के ईस्टर्न ग्रेस होटल में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट) पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन नगर विकास एवं आवास विभाग, बिहार सरकार के निर्देश तथा सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के आलोक में किया गया। प्रशिक्षण में जिले के सभी नगर परिषद एवं नगर पंचायतों के जनप्रतिनिधि, अधिकारी और कर्मियों ने भाग लिया।

कार्यक्रम का उद्घाटन जिले के पांचों नगर निकायों के कार्यपालक पदाधिकारियों एवं मुख्य पार्षदों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। इसके बाद बक्सर एवं इटाढ़ी नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारियों ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के प्रावधानों, वैधानिक पहलुओं और उनके प्रभावी क्रियान्वयन पर विस्तार से जानकारी दी।

Hello

प्रशिक्षण में डुमरांव नगर परिषद, चौसा, ब्रह्मपुर और इटाढ़ी नगर पंचायत के वार्ड पार्षदों, अधिकारियों एवं कर्मियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य कचरा प्रबंधन को जमीनी स्तर पर प्रभावी बनाना तथा अपशिष्ट को संसाधन में बदलने की आधुनिक तकनीकों से जनप्रतिनिधियों को अवगत कराना था।

आईआईटी विशेषज्ञों ने साझा की आधुनिक तकनीक

विशेष प्रशिक्षण सत्र में आईआईटी से आमंत्रित विशेषज्ञों ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के आधुनिक वैज्ञानिक मॉडल, कचरा प्रसंस्करण तकनीक और पर्यावरणीय मानकों पर विस्तृत जानकारी दी। तकनीकी सत्र के बाद आयोजित प्रश्नोत्तर कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों ने क्षेत्रीय स्तर पर आने वाली व्यावहारिक चुनौतियों और एसडब्ल्यूएम नियम-2026 से जुड़े सवाल पूछे, जिनका विशेषज्ञों एवं विभागीय अधिकारियों ने विस्तार से समाधान किया।

Hello

स्वच्छता के साथ राजस्व और रोजगार का भी माध्यम

प्रशिक्षण के दौरान विशेषज्ञों ने बताया कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन केवल स्वच्छता तक सीमित नहीं है, बल्कि यह नगर निकायों के लिए राजस्व और रोजगार सृजन का प्रभावी माध्यम भी बन सकता है। उन्होंने कहा कि कचरे का वैज्ञानिक तरीके से वर्गीकरण, संग्रहण और प्रसंस्करण कर गीले कचरे से कम्पोस्ट एवं बायोगैस तथा सूखे कचरे से रिसाइक्लिंग के माध्यम से आय बढ़ाई जा सकती है।

प्रशिक्षकों ने वार्ड पार्षदों की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए बताया कि लोगों को घर-घर जाकर सूखा और गीला कचरा अलग करने के लिए प्रेरित करना, सामुदायिक डस्टबिन की निगरानी करना तथा कचरा संग्रहण की नियमित व्यवस्था सुनिश्चित करना उनकी प्रमुख जिम्मेदारी है। वहीं, कर्मियों को कचरा उठाव, छंटाई और प्रसंस्करण इकाइयों के संचालन संबंधी तकनीकी जानकारी दी गई।

प्रशिक्षण में स्वच्छ भारत मिशन 2.0 के तहत संचालित योजनाओं, कचरा प्रसंस्करण संयंत्रों की स्थापना, प्लास्टिक मुक्त अभियान, थोक कचरा उत्पादकों की जवाबदेही तथा सार्वजनिक स्थानों पर कचरा फैलाने पर जुर्माने के प्रावधानों की भी जानकारी दी गई।

कार्यक्रम के समापन पर सभी प्रतिभागियों ने अपने-अपने वार्डों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को प्रभावी ढंग से लागू करने तथा आमजन को जागरूक करने का संकल्प लिया। आयोजकों ने विश्वास जताया कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से \"स्वच्छ बक्सर, समृद्ध बक्सर\" के लक्ष्य को शीघ्र प्राप्त किया जा सकेगा।

Share:

Follow Us Live

Facebook

Instagram

YouTube