बक्सर, 9 जून 2026 | महान स्वतंत्रता सेनानी एवं जनजातीय अस्मिता के प्रतीक भगवान बिरसा मुंडा के शहादत दिवस के अवसर पर इस्माइलपुर स्थित प्रख्यात समाजसेवी एवं शिक्षक रामकेश्वर खरवार के आवास पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में भगवान बिरसा मुंडा के तेल चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई।
कार्यक्रम में युवा जदयू जिला उपाध्यक्ष मार्कंडेय पटेल, प्रोफेसर चंदन खरवार, प्रोफेसर जितेंद्र यादव, प्रोफेसर हरिकेश्वर खरवार तथा शिक्षक संतोष खरवार सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। उपस्थित लोगों ने बिरसा मुंडा के संघर्ष, त्याग और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को स्मरण करते हुए उनके आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर युवा जदयू जिला उपाध्यक्ष मार्कंडेय पटेल ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा ने अंग्रेजों की शोषणकारी नीतियों के विरुद्ध जनजातीय समाज को संगठित कर क्रांतिकारी नेतृत्व प्रदान किया। उन्होंने समाज में स्वाभिमान, अधिकार और एकता की भावना को मजबूत करने का कार्य किया, जो आज भी प्रेरणास्रोत है।
वहीं प्रोफेसर चंदन खरवार ने अपने संबोधन में कहा कि भगवान बिरसा मुंडा के शहादत दिवस पर देश के प्रत्येक नागरिक को जंगल और जमीन के संरक्षण का संकल्प लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रकृति और संसाधनों की रक्षा करना हम सभी का दायित्व है, जो बिरसा मुंडा के जीवन दर्शन और ध्येय का महत्वपूर्ण हिस्सा था। उन्होंने यह भी कहा कि भगवान बिरसा मुंडा के पदचिह्नों पर चलना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी और इसी मार्ग पर चलकर राष्ट्र के समग्र विकास का सपना साकार किया जा सकता है।
कार्यक्रम में उपस्थित अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए भगवान बिरसा मुंडा के सिद्धांतों और विचारों को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने की आवश्यकता पर बल दिया। इस दौरान अंकित खरवार, दिव्यांशु खरवार, रघुकुल नंदन, आनंद खरवार, आयुष खरवार, मणिकर्णिका सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
श्रद्धांजलि सभा का समापन भगवान बिरसा मुंडा के आदर्शों को आत्मसात करने और सामाजिक एकता, पर्यावरण संरक्षण तथा राष्ट्रहित में कार्य करने के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ। उपस्थित लोगों ने उनके संघर्षमय जीवन से प्रेरणा लेकर समाज में जागरूकता फैलाने और उनके विचारों को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।









.png)




